उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री की लाभकारी योजनाए सिर्फ कागजों पर , खानापूर्ति जिम्मेदार मौन।

लाखों की लागत से बना रिसोर्स रिकवरी सेंटर बना सोपीस सरकारी कर्मचारी ही लगा रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं को पलीता, ग्राम प्रधान व सचिव की कार्यशैली पर ग्रामीण उठा रहे सवाल , क्या यही है सबका साथ सबका विकास।

आवाज़ –ए– लखनऊ ~  संवाददाता

हसनगंज (उन्नाव) विकासखंड हसनगंज की ग्राम पंचायत बरौना न्यामतपुर में बने ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के लिए लाखों रुपये की लागत से रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) बनाया गया, लेकिन इसकी स्थिति पर अब सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह केंद्र बनने के बाद से ही बंद पड़ा है, जबकि प्रशासन इसे सक्रिय बताने की कोशिश कर रहा है।

जब ग्राम पंचायत सचिव जगन्नाथ मिश्रा से इस विषय पर सवाल किया गया, तो उन्होंने दावा किया कि सेंटर “प्रॉपर तरीके से चल रहा है।” लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है। स्थानीय लोग इस केंद्र का बिल्कुल ही उपयोग नहीं कर पा रहे, और सेंटर की जमीनी वास्तविक स्थिति कुछ और ही है।

ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग –

सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जब इस तरह के केंद्र बंद पड़े रहते हैं, तो जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी साफ नजर आती है। अगर यह केंद्र वास्तव में कार्यरत है, तो इसकी पारदर्शिता और उपयोगिता को लेकर कोई ठोस प्रमाण क्यों नहीं दिया जा रहा अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई करता है या फिर यह केंद्र सिर्फ कागजों पर चालू बना रहेगा।

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