एक लाख के मुचलके पर आर्यन खान को जमानत दी गई है। कोर्ट की शर्तों के अनुसार आर्यन को हर शुक्रवार 11 से दोपहर 2 बजे तक पूछताछ के लिए एनसीबी के दफ्तर पहुंचना होगा। सूत्रों के अनुसार शाम 630 तक आज आर्यन को रिहाई हो सकती है।
नई दिल्ली/मुंबई, एजेंसियां। क्रूज ड्रग्स मामले में मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद शाहरुख के बेटे आर्यन खान का बेल आर्डर शुक्रवार दोपहर जारी हो गया। अब आर्डर की कापी सेशन कोर्ट पहुंचेगी। कुछ ही देर में यहां से आर्यन की रिहाई के लिए एक आदेश जारी होगा। ये आदेश जेल प्रबंधन के पास पहुंचाया जाएगा। इस बीच, आर्यन के वकील उनकी रिहाई को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सेशन कोर्ट पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि कुछ ही देर में आर्यन खान की रिहाई हो सकती है।
इस पूरे मामले में आर्यन खान के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि हमें हाईकोर्ट का आदेश मिल गया है। प्रक्रिया चालू है। एक बार जज ने जमानत स्वीकार कर ली, तो हम अन्य औपचारिकताओं के साथ आगे बढ़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज शाम तक सब कुछ हो जाना चाहिए।
वहीं, इसके पहले बाम्बे हाईकोर्ट ने आर्यन का बेल आर्डर जारी कर दिया है। एक लाख के मुचलके पर आर्यन खान को जमानत दी गई है। कोर्ट की शर्तों के अनुसार आर्यन को हर शुक्रवार सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक पूछताछ के लिए एनसीबी के दफ्तर पहुंचना होगा। सूत्रों के अनुसार आज शाम 6:30 बजे तक आर्यन की रिहाई हो सकती है।
आर्यन खान को अदालत ने कई शर्तों के साथ जमानत दी है। आर्यन कोर्ट की इजाजत के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं। उन्हें NDPS कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। हर शुक्रवार को मामले में जांच चल रही है इसलिए वह केस से जुड़े गवाहों से कोई बात नहीं कर सकते। वह गवाहों को या जांच को प्रभावित नहीं करेंगे। केस के सह-आरोपियों से भी आर्यन को मिलने या बात करने की मनाही है।
आर्यन खान को इन शर्तों के साथ मिली है जमानत
- बाम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आर्यन खान की जमानत के फैसले में विस्तृत आदेश जारी किया। बाम्बे हाईकोर्ट के पांच पेज के लंबे आदेश के अनुसार आर्यन खान को 1 लाख रुपये का जमानत बांड भरना है।
- इसके अलावा कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि आर्यन खान को हर शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच एनसीबी के जोनल ऑफिस पूछताछ के लिए जाना होगा।
- 23 वर्षीय आर्यन खान को भी विशेष एनडीपीएस कोर्ट में अपना पासपोर्ट सरेंडर करना है, जो पहले मामले की सुनवाई कर रही थी और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
- अदालत ने यह भी आदेश दिया कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकता और साथ ही प्रभारी अधिकारी को सूचित किए बिना मुंबई नहीं छोड़ सकता।
- अदालत ने कहा कि उसे किसी भी तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए, सह-आरोपियों के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
गौरतलब है कि आर्यन खान को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने दो अक्टूबर को हिरासत में लिया था। वह तभी से एनसीबी अथवा न्यायिक हिरासत में सलाखों के पीछे हैं। इस बीच दो निचली अदालतों से उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। गुरुवार को बाम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आर्यन की आज रिहाई हो सकती है।