लखीमपुर के निघासन में पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला सामने आया आरोप है कि जंगल में लकड़ी बीनने गए युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर जमकर पिटाई कर दी पुलिस ने आनन-फानन उसे लेकर निघासन सरकारी अस्पताल भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया युवक की मौत से घबराई मझगईं पुलिस उसे छोड़ कर फरार हो गई।

परिजन ने अस्पताल में शव की पहचान की मृतक के भाई दिनेश ने निघासन पुलिस को बताया कि उसका भाई रोज की तरह सोमवार को जंगल में लकड़ी बीनने गया था पुलिस उसे शराब कारोबारी बताकर ले गई भाई की पुलिस ने पिटाई कर हत्या कर दी, शव अस्पताल में फेंक पुलिस वाले फरार हो गए उधर, सीएचसी के बाहर बिलखते परिवारजन के अलावा मौजूद लोग पुलिस की क्रूर चेहरे से भयावह हो उठे परिवारजन के दर्द पर मरहम लगाने की बजाये महिला पुलिस ने मृतक की पत्नी पूनम और बहन कांती को घसीटकर शव से अलग कर दिया आरोप है कि एक महिला पुलिसकर्मी ने पूनम को थप्पड़ मार मार इसके बाद शव को छीनकर जबरन एंबुलेंस में डाल दिया परिवारजन सीएचसी की दहलीज पर खड़े होकर चीखते रहे। मृतक रामचंद्र के छोटे भाई दिनेश ने बताया कि भाई मुनेश, सुरेश मोहन के साथ जलौनी लकड़ी लेने जंगल गया था।
निघासन और मझगई पुलिस की संयुक्त टीम ने वहां रामचंद्र को पकड़ा आरोप है कि कुछ सिपाहियों ने दोनों हाथ पकड़ लिए और दरोगा पिटाई करने लगा रामचंद्र ने दुहाई देकर पुलिस से रहम की भीख तक मांगी कहता रहा कि साहब मुझे मत मारिए मेरा कसूर क्या है, लेकिन पुलिस की टीम ने एक ना सुनी निर्दयता के साथ उसकी पिटाई करने लगी और वहां से बुरी तरह पीटते हुए लेकर गई जब रामचंद्र बेजान हो गया, तो निघासन और मझगई पुलिसकर्मी लावारिश हालात में निघासन सीएचसी में शव छोड़कर भाग निकले

