किसानों का सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण किया गया

उक्त अभियान का उद्देश्य स्थानीय किसानों के आय स्रोत, उपज, बाजार पहुंच, लागत घाटा, कर्ज एवं बीमा स्थिति का आकलन, सामाजिक संकेतक जैसे शिक्षा स्वास्थ सुविधाओं, महिला भागीदारी,प्रोफेसर डॉ विनय यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बांदा और चित्रकूट जिले में छोटे एवं सीमांत किसान, महिला किसान समूह, जैविक/परंपरागत एवं आधुनिक खेती अपनाने वाले किसानों व अजैविक/मौसमी खेती पर निर्भर
आवाज़ – ए – लखनऊ
बांदा :  चित्रकूट जिलों के किसानों का सर्वेक्षण–समग्र सामाजिक एवं आर्थिक स्थितियों का व्यापक डेटा आँकड़ा संग्रह अभियान नेशनल पीजी कालेज लखनऊ के सॉफ्टवेयर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विनय यादव द्वारा आरंभ किया गया  है। यह पहल क्षेत्रीय कृषि विकास, नीति निर्माण तथा किसान कल्याण कार्यक्रमों के लिए वास्तविक और उपयोगी सबूत जानकारी उपलब्ध कराएगी। उक्त अभियान का उद्देश्य स्थानीय किसानों के आय स्रोत, उपज, बाजार पहुंच, लागत घाटा, कर्ज एवं बीमा स्थिति का आकलन, सामाजिक संकेतक जैसे शिक्षा स्वास्थ सुविधाओं, महिला भागीदारी, तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज, क्षेत्रों में कृषि प्रौद्योगिक, बीज/उर्वरक केप्रयोग तथा जल प्रबंधन की प्रवृतियां का दस्तावेजीकरण नीतिगत सिफारिशें और लोगों के अनुकूल हस्तक्षेप तैयार करने के लिए ठोस डेटा प्रदान करना प्रोफेसर डॉ विनय यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बांदा और चित्रकूट जिले में छोटे एवं सीमांत किसान, महिला किसान समूह, जैविक/परंपरागत एवं आधुनिक खेती अपनाने वाले किसानों व अजैविक/मौसमी खेती पर निर्भर किसानों के ऊपर हमारा पूरा फोकस है और उन्हें और जागरूक भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण से जो परिणाम सामने आयेंगे वह हैं क्षेत्रीय नीतियों और कार्यक्रमों के लिए ठोस क्षेत्र विशिष्ट सिफारिशें, किसानों के शैक्षिक और वित्तीय प्रयासों को सुधारने हेतु प्रस्तावित हस्तक्षेप कृषि विस्तार सेवाओं व बाजार पहुंच को सुदृढ़ करने हेतु मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। नेशनल पीजी कॉलेज के सॉफ्टवेयर विभाग के असिस्टेंस प्रोफेसर डॉ विनय यादव ने बांदा इंजिनियरिंग कॉलेज के इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विभाष एवं बांदा कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च साइंटिस्ट कम हेड सुशील सिंह से उक्त के सन्दर्भ में विस्तार पूर्वक चर्चा भी हुई जिसमें किसानों से जुड़ी अनेक सुविधाओं एवं समस्याओं के सन्दर्भ में रही।

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