मौलाना तौकीर के करीबी डॉ. नफीस पर एक और मुकदमा दर्ज

बरेली बवाल के मामले में आरोपी डॉ. नफीस जेल में बंद है। इस बीच उसके खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई इनमें उसकी पत्नी को भी आरोपी बनाया गया यह मामला वक्फ संपत्ति से संबंधित है।

बरेली ; आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी डॉ. नफीस के खिलाफ बुधवार को कोतवाली थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में डॉ. नफीस की पत्नी फरहत बेगम भी आरोपी है। यह कार्रवाई मोहल्ला 414 साहूकारा, निकट राजो वाली मस्जिद के मूल निवासी और पीरबहोड़ा में रहने वाले मोहम्मद कमर अख्तर के प्रार्थना पत्र पर की गई है। मामला वक्फ संपत्ति के फर्जी गिफ्ट डीड बनवाने और उस पर काबिज होने से संबंधित है।कोतवाली थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने बताया कि शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल को लेकर मौलाना तौकीर और उसकी पार्टी के महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस सहित अन्य आरोपी जेल में बंद हैं। मोहम्मद कमर अख्तर ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने एसएसपी को बताया कि उसकी दादी नन्हों कुजडी का बमनपुरी स्थित वक्फ संख्या 26-ए में करीब 95 वर्ग गज का मकान बना हुआ उसके नीचे पांच दुकान बनी हुई थी।

एक दुकान में उनकी दूर के रिश्ते की दादी सब्जी की दुकान संचालित कर जीवन यापन करती थी। उनके दादा साबिर हुसैन की सब्जी की दुकान कुतुबखाना सब्जी मंडी में थी। इस वजह से नन्हों का उनके दादा की दुकान पर आना-जाना था। नन्हों ने उनके दादा साबिर हुसैन को अपना मुंहबोला भाई मान लिया था। नन्हों ने अपनी मौत से पहले वक्फ संख्या 26-ए वाली संपत्ति उनके दादा साबिर हुसैन और उनके तीन पुत्र साकिर हुसैन, जाकिर हुसैन व नासिर हुसैन के नाम वसीयत कर दी थी। मोहम्मद कमर अख्तर ने कहा कि उनके पिता साकिर हुसैन का कंघी टोला निवासी डॉ. नफीस की कुतुबखाना स्थित चश्मे की दुकान पर आना-जाना था। डॉ. नफीस ने उनके पिता को अपने विश्वास में लेकर वक्फ संख्या 26-ए वाली संपत्ति को वर्ष 1996 में 30 साल के लिए अपनी पत्नी फरहत बेगम के नाम लीज पर लिया वर्ष 2022 में उनके पिता का निधन होने पर डॉ. नफीस और उसकी पत्नी फरहत बेगम ने धोखाधड़ी कर फर्जी कागजात तैयार करा कर वक्फ संख्या 26-ए की संपत्ति का अपने दोनों पुत्रों मो. नौमान खान और मो. फरहान खान के नाम गिफ्ट डीड बनवा लिया उस संपत्ति पर वह सभी अभी भी काबिज हैं। मोहम्मद कमर अख्तर ने मांग की है कि वक्फ संख्या 26-ए की संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जाए साथ ही, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डॉ. नफीस पहले से ही जेल में बंद है।

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