रामनाम की ध्वनि थमी नहीं भीगे कपड़ों और ठंडी हवाओं के बीच हर भक्त के अधरों पर एक ही वाक्य था, राम सियाराम, सियाराम जय जय राम…। परिक्रमा पथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर मेलाक्षेत्र में भ्रमणशील रहे।
अयोध्या। चौदहकोसी परिक्रमा के साथ शुरू हुआ कार्तिक मेला बृहस्पतिवार को पूरे शबाब पर पहुंच गया। 42 किलोमीटर की परिधि मानव शृंखला से घिरी रही परिक्रमा पूरी होने के साथ आस्था का समुद्र सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ने लगा डीएम निखिल टीकाराम फुंडे का दावा है कि 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चौरहकोसी परिक्रमा की है। कार्तिक शुक्ल पक्ष अक्षय नवमी तिथि से शुरू होने वाला कार्तिक मेला बुधवार देर रात शुरू हुआ परिक्रमा का मुहूर्त बृहस्पतिवार सुबह चार बजकर 50 मिनट था, लेकिन श्रद्धालुओं ने तय मुहूर्त से पहले ही परिक्रमा शुरू कर दी बुधवार शाम से लेकर बृहस्पतिवार देर रात तक परिक्रमा चली 24 घंटे से अधिक समय तक परिक्रमा पथ पर आस्था प्रवाहमान रही वहीं, भोर से शुरू हुई बारिश ने श्रद्धालुओं की खूब परीक्षा ली लगातार हो रही बारिश ने परिक्रमा पथ को कीचड़ से भर दिया,
भक्तों के मन में उठ रही जय श्रीराम की गूंज ने हर कठिनाई को छोटा कर दिया चौदहकोसी परिक्रमा में जब लाखों श्रद्धालु सरयू किनारे से अपने कदम बढ़ाते दिखे, तो वर्षा की फुहारें भी मानो उनका अभिषेक कर रही थीं। बच्चे हों या बूढ़े, स्त्री हों या पुरुष, हर मुख से एक ही नाम निकला-राम…राम… इस पुकार में भक्ति का ऐसा प्रवाह था कि मार्ग की दुश्वारियां भी भक्ति घुलकर अर्थहीन हो गईं श्रद्धालु भीगते हुए भी न रुके, पांव फिसले पर थमे नहीं शाम ढले जब आसमान पर हल्की धुंध छाई, तब भी रामनाम की ध्वनि थमी नहीं भीगे कपड़ों और ठंडी हवाओं के बीच हर भक्त के अधरों पर एक ही वाक्य था, राम सियाराम, सियाराम जय जय राम…। परिक्रमा पथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर मेलाक्षेत्र में भ्रमणशील रहे।




