विश्व हिंदू परिषद के भूपेंद्र हिंदू विभाग मंत्री ने भारत सरकार से मांग रखी की बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ बांग्लादेश उच्च आयुक्त को बुलाकर सख्त कार्रवाई करें जो इस जघन्य अपराध में शामिल है
( आवाज़ – ए – लखनऊ )
लखनऊ : विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल लखनऊ ग्रामीण मलिहाबाद की तरफ से बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार एवं दीपू दास की निर्मम हत्या के विरोध में विरोध प्रदर्शन एवं जन आक्रोश यात्रा निकाली गई जिसमें विश्व हिंदू परिषद के भूपेंद्र हिंदू विभाग मंत्री ने भारत सरकार से मांग रखी की बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ बांग्लादेश उच्च आयुक्त को बुलाकर सख्त कार्रवाई करें जो इस जघन्य अपराध में शामिल है उनको फांसी की सजा हो और जो षड्यंत्र में शामिल है उन सभी को आजीवन करवा के लिए कार्रवाई करने के लिए दबाव डालें इस कार्यक्रम जिले के प्रखंड के पदाधिकारी शामिल जिला संगठन मंत्री महेंद्र, जिला उपाध्यक्ष बेचालाल, जिला सह मंत्री शैलेंद्र शुक्ला, जिला संयोजक रोहित, जिला सुरक्षा प्रमुख सूरज, जिला सहरसा प्रमुख रवि राजपूत, जिला शिक्षा मंत्री सुनील अर्कवंशी प्रखंड अध्यक्ष सुनील शर्मा, मलिहाबाद प्रखंड अध्यक्ष दीपक ठाकुर, बख्शी तालाब जिला आशा संयोजक सूरज शुक्ला, प्रखंड संयोजक अर्पित सोनी जी धर्म प्रचार प्रचार प्रमुख जिला सेवा प्रमुख डॉ शिवकुमार जी प्रखंड मंत्री चंद्रशेखर जी अवधेश जी समरसता प्रमुख हरिशंकर शुक्ला जी जिला समरसता प्रमुख राम आचार्य जी आदि सभी बजरंग दल कार्यकर्ता एवं प्रखंड कार्यकर्ता मौजूद रहे बांग्लादेश में सता परिवर्तन के बाद इस्लामी जिहादी गतिविधियां निरंतर बढ़ती जा रहीं हैं और उनके निशाने पर हिंदूओं के मंदिर, व्यावसायिक केंद्र, महिलाएं, संपत्ति, शासकीय कर्मचारी, पत्रकार ही रहते हैं। हिंदू प्रताड़ना की वीभत्स घटनाएं प्रति सप्ताह होती रहती हैं। परंतु गत सप्ताह मेमनसिंह जिले के भालुका में ऐसी घटना हुई है जिसने पूरी मानवता को लज्जित किया है।
एक सामान्य हिंदू श्रमिक दीपू दास पर ईशनिंदा का झूंठा आरोप लगाया गया एक अनौपचारिक बातचीत में दीपू दास ने ईश्वर के एक होने और उसके विभिन्न नाम होने की बात कही, जिसमें कुरान, इस्लाम या अल्लाह का कोई संदर्भ नहीं था। इसे मनमाने ढंग से ईशनिंदा का रूप देकर उसे प्रताड़ित किया गया जिहादी तत्व यहीं नहीं रुके और एक बड़ी भीड़ ने पीट पीट कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। आतंक फैलाने के लक्ष्य से दीपू की मृत देह को पेड़ से लटका कर जलाया और इन सब हिंसक बर्बर घटनाओं के विडियो सोशल मीडिया में तत्काल प्रसारित किए गए। यह सारा घटनाक्रम पुलिस प्रशासन की आंखों के सामने हुआ और उन्होंने इसे रोकने की कोई चेष्टा नहीं की।
बांग्लादेश का पूरा प्रशासन और समाज हिंसक और बर्बर इस्लामी जिहादी तत्वों के हिंदू विरोधी नंगे नाच पर मौन साधे हुए है और निष्क्रियता से उन्हें प्रोत्साहित ही कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों के मानवीय अधिकारों का ऐसा खुला हनन किसी भी सभ्य समाज में मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध है।यह निर्णय किया गया कि ऐसी बर्बर जिहादी हिंसा और प्रशासनिक निष्क्रियता की निन्दा करने, हिंदू विरोधी हिंसा पर रोक लगाने, इनके अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही कर उन्हें सजा देने और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए भय और शोषणमुक्त वातावरण बनाने की मांग किया

