वीडियो वायरल हुए हालांकि यह मामला सिर्फ एक कंपनी का नहीं है, बल्कि अन्य दो कंपनियों रोजमार्टा व सिल्वर टच में भी प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति पैसे लेकर हुई है। लेकिन फिलहाल शिकायत फोकॉम नेट के खिलाफ आई है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई
आवाज़ -ए -लखनऊ ( सन्तोष सिंह )
लखनऊ; ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले 15 प्राइवेटकर्मियों से पहले नियुक्ति के लिए करीब 45 लाख रुपये वसूले गए परिवहन विभाग अफसरों के साथ इसका बंटवारा हुआ फिर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। सन्तोष सिंह प्रदेशभर में यह काम कर रही है। इन कंपनियों ने करीब 320 कर्मचारियों की नियुक्ति की जिनसे नियुक्ति के नाम पर धनराशि भी वसूली गई कानपुर व आगरा जोन में डीएल का काम देखने वाली फोकॉम नेट के प्रोजेक्ट मैनेजर रहे एसएन पांडेय पर आरोप है कि पंद्रह कर्मचारियों से नियुक्ति के नाम पर 45 लाख रुपये वसूले सूत्र बताते हैं कि इस धनराशि का बंटवारा परिवहन विभाग अफसरों, कंपनी के साथ हुआ लेकिन बंटवारे में अनबन होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर एसएन पांडेय को बाहर निकाल दिया गया साथ ही उनके द्वारा नियुक्त किए गए 15 कर्मियों को भी बाहर कर दिया गया।
नौकरी से निकाले गए पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की है। वीडियो वायरल हुए हालांकि यह मामला सिर्फ एक कंपनी का नहीं है, बल्कि अन्य दो कंपनियों रोजमार्टा व सिल्वर टच में भी प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति पैसे लेकर हुई है। लेकिन फिलहाल शिकायत फोकॉम नेट के खिलाफ आई है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई जिन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया गया है, उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। इतना ही नहीं वे कंपनी व पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर एसएन पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। प्राइवेटकर्मियों को नौकरी से बाहर निकालने के पीछे सूत्र एक और वजह बताते हैं। कंपनी की ओर से कम्प्यूटर, वेबकैम, बैटरी वगैरह कर्मियों से ही खरीदवाए गए और बिल कंपनी के नाम बनाने का दबाव बनाया गया साथ ही उनसे सैलरी की धनराशि भी एडवांस में देने को कहा गया जिन कर्मियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें बाहर कर दिया गया।

