गिले-शिकवे भूल एक-दूसरे को लगाए रंग-गुलाल

होली का त्योहार हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया लोगों ने सुबह से शाम तक जमकर रंग खेला और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दी पुराने गिले-शिकवे दूर कर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी फगुआरों की टोलियों ने परंपरागत गीत गए और मेल-मिलाप की परंपरा निभाई।

   आवाज़ -ए -लखनऊ ( छायाकार : सोनू खान )

लखनऊ ; राजधानी में सड़कों पर रंग ही रंग नज़र आ रहे थे लोगों के हाथों में गुलाल और रंग की बौछार हो रही थी पुलिस भी चौकसी करती रही जिससे कही हुड़दंग न हो सके अगर बात करें लखनऊ राजाजी पुरम कोठारी बंधु चौराहे पर लोग साड़ी पहन कर महिलाओं का भेष बनाकर फिल्मी गानों पर खूब थिरके वहीं संभ्रांत लोग रंगों में सरा, बोर नजर आ रहे थे सबने मिलकर होली पर्व को शांति पूर्वक मनाया गया और पूरा दिन हर्षोउल्लास के साथ लोगों का नज़ारा देखने को मिला बुधवार की सुबह से ही लोग होली के रंग में रंग गए,

मोहल्लों में युवकों ने चौराहों और प्रमुख मार्गों पर खूब रंग डाला सड़कों से गुजरने वाले वाहन सवारों को भी ‘बुरा न मानो होली है’ कहकर रंग दिया गया लाउडस्पीकरों पर ‘होली खेले रघुबीरा अवध में’ और ‘आज न छोड़ेंगे बस हमजोली’ जैसे फिल्मी व पारंपरिक होली गीत बजते रहे इन गीतों पर युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी जमकर नाचे बच्चों ने पिचकारियों और गुब्बारों से एक-दूसरे पर रंग की बौछार होली में जमकर रंग खेला गया हर गली-चौराहे पर होरियारों की टोलियां नजर आई ग्रामीण अंचलों में रंगों के साथ फाग गायन का भी दौर चलता रहा शाम को घरों में जाकर लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया गुझिया और नमकीन खाकर होली की बधाई दी और पुराने गिले-शिकवे दूर किए।

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