तुर्किये, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का साथ दिया था, इस समय 30% से अधिक महंगाई दर से जूझ रहा है। अगस्त में 31.51% रही महंगाई ने देश की अर्थव्यवस्था को बेहाल कर दिया है।
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्किये के हाल बेहाल है। भले ही अगस्त महीने में महंगाई दर में मामूली गिरावट आई है। लेकिन अभी भी इस देश की महंगाई दर 30% के ऊपर है। अगस्त 2026 में तुर्किये की महंगाई दर 31.51% रही। और इससे पिछले महीने यानी जुलाई में यह 31.75% (Turkiye Inflation rate) थी।तुर्किये में खाने-पीने की चीजें और बिना अल्कोहल वाले पेय पदार्थ की महंगाई दर अगस्त में 33.79% हो गई। जुलाई में यह 37.53% थी। हाउसिंग और यूटिलिटीज में महंगाई दर 39.77% रही। कपड़े और जूते-चप्पल जैसे वस्तु की महंगाई दर अगस्त में 13.16% रही। हेल्थ सेक्टर में महंगाई दर 43.46% रही। रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सुविधाएं की महंगाई दर अगस्त में 31.16% रही। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में महंगाई दर 35.08% (जुलाई में 30.83% के मुकाबले) तक पहुंच गई। इसके अलावा तंबाकू, मनोरंजन और संस्कृति से जुड़ी चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई। अगस्त में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) 1.84% बढ़ा। यह मई के बाद से सबसे ज्यादा मासिक बढ़ोतरी थी, लेकिन यह 1.93% की उम्मीद से थोड़ा कम रहा (जुलाई में यह बढ़ोतरी 1.78% थी)। वहीं, अगर कोर महंगाई दर की बात करें तो यह तीन महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। पिछले महीने के 29.91% के मुकाबले यह 30.07% दर्ज किया गया।
भारत की GDP से आधे से भी है कम तुर्किये की जीडीपी
तुर्कीये की नॉमिनल GDP लगभग $1.64 ट्रिलियन है। यह दुनिया की 16वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हालांकि, यह भारत की जीडीपी का यह आधे से भी कम है। भारत की नॉमिनल GDP $4.15 ट्रिलियन है। भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। तुर्कीये की विदेश नीति अक्सर देश को वैश्विक मुस्लिम समुदाय की एक प्रमुख आवाज और रक्षक के तौर पर पेश करती है। हालांकि भू-राजनीतिक नजरिए के आधार पर इस भूमिका को अलग-अलग तरह से देखा जाता है। तुर्किये किसी एक मुद्दे पर नहीं बल्कि कई मुद्दों पर भारत के खिलाफ बयान दिया है। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान ने लगातार कई वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाया है। भारत की आपत्तियों के बावजूद, तुर्किये ने बार-बार भारत के इस आंतरिक मामले में दखल देने का प्रयास करते हुए पाकिस्तान के पक्ष का खुलकर समर्थन किया है। भारत ने 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था, तो भी तुर्किये ने इसका विरोध किया था। और जब पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में जाने का खतरा मंडराया तो तुर्किये ने पाकिस्तान का खुलकर बचाव किया।


