उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 24 घंटे सप्लाई के निर्देश हवा हवाई , गरीब उपभोक्ता सिर्फ लगाते रहते है बिजली विभाग के चक्कर , गरीब उपभोक्ता की नही होती सुनवाई। वही गरीब कनेक्शन धारक का कुछ बिल बाकी होने पर उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है।
आवाज़ –ए– लखनऊ ~ संवाददाता – महेन्द्र कुमार
उन्नाव। जनपद में विद्युत आपूर्ति धवस्त हो गई है। चारों तरफ बिजली को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद मे सोकर बेलागाम हो चुके है। ऊर्जा मंत्री की फटकार से भी इन पर कोई असर नहीं पड़ता है। यह तो सिर्फ अपनी वसूली में मस्त रहते है।

आम जनमानस को बिजली मिले या ना मिले इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। किंतु शाम को टेबल पर पैसा आना चाहिए। कोई कितनी भी शिकायत कर ले इनके कानों में जूं नहीं रेंगती। खुद तो एसी से एक छड दूर नहीं रहते। घर से एसी से निकले एसी कार में सवार होकर एसी ऑफिस में बैठे। आखिर साहब जो ठहरे। साहब की बात छोड़ों इनके मातहत इतने मगरुर और सीने पुष्ट है कि वह अपने को तुर्रमखान लगाते है। बिजली विभाग के किसी भी कर्मचारी के घर के बाहर या अंदर बिजली मीटर नही मिलेगा। साथ ही केबल एक नही दो दो पड़ी मिलेंगी। जब कि सरकार के निर्देश हो चुके है कि प्रत्येक बिजली कर्मचारी के घर के बाहर बिजली मीटर लगाओ। एक दो तो थ्री फेस लाइन घर में एल टी पोल से उतार कर बिजली उपभोग करते है। सरकारी शासनादेश के बाद भी क्यों बिजली कर्मचारी मुफ्त की बिजली इस्तेमाल करते है। वही गरीब कनेक्शन धारक का कुछ बिल बाकी होने पर उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है। इसके विपरित बड़े बड़े लोग, माननीय, बडे़ अधिकारी इनके रिश्तेदार है क्या…? इनके घर पर छापा डालकर चेकिंग करों, तब पता चले छापामारी क्या होती है। जनपद के बड़े बडे़ माँल, सरकारी कार्यालय, सरकारी आवास, विधायक सांसद के साथ तमाम अन्य जनपदीय माननीय के आवास पर भी जाकर बकाया बिल चेक करो। उनके खराब बिल फोन पर ही शंशोधित हो जाते है। गरीबों के तमाम चक्कर लगाने के बाद भी नहीं सही होते है। बिजली अफसरों के पास गरीबों का शोषण करना और सरकारी कुर्सी तोड़ने का काम बचा है। साहब लोग इतने माधांध हो गए है कि आम जनमानस की बात छोड़ों यह अपने विभाग के माननीय मंत्री की भी नहीं सुनते। कल स्वयं ऊर्जा मंत्री ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली है। जिससे बिजली विभाग के अधिकारियों की मनमानी और तानाशाही साफ साफ देखी जा सकती है।
लाखों की होती है बिजली चोरी –
जनपद का बिजली विभाग कुंभकर्णी नीद में रहता है। प्रतिमाह नगर पालिका के द्वारा स्ट्रीट लाइट और खम्भो पर लगी तिरंगा लाइटों में कितना बिल आता है और जमा होता है। कोई हिसाब किताब नहीं दे पाते है। बात करने पर टाल मटोल वाले जवाब दिए जाते है।
बिजली चोरी की शिकायत, इनकी कमाई का जरिया –
अगर कोई ईमानदार बिजली उपभोक्ता किसी की चोरी की शिकायत करता है तो वह भी इनकी कमाई का जरिया बन जाता है। शिकायत के बाद इनके लोग चोरी करने वाले व्यक्ति से माल (पैसा) उतार लेते है, और उसे बिजली चोरी की पूरी छूट दे दी जाती है। साथ में शिकायत कर्ता को चोरी करने वाले से दुश्मनी मुफ्त में मिल जाती है।

