मलिहाबाद थाने से जुड़ा हुआ है, जो वर्ष 2002 में शहजाद खान और राम खिलावन के खिलाफ दर्ज किया गया था। दरोगा कृष्णकांत ने 23 दिसंबर को इस मामले में अपनी गवाही दर्ज कराई थी।
लखनऊ ; 23 वर्ष पुराने एक मामले में गवाही के लिए जानबूझकर अदालत में हाजिर न होने पर अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने मलिहाबाद के तत्कालीन और वर्तमान में उन्नाव में तैनात दरोगा कृष्णकांत के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 12 जनवरी की अगली तारीख तय की है।न्यायाधीश ने आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर, इंस्पेक्टर मलिहाबाद और एसपी उन्नाव को भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने तीनों अधिकारियों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि दरोगा कृष्णकांत को हर हाल में गिरफ्तार कर गवाही के लिए अदालत में पेश किया जाए एसपी उन्नाव को यह भी निर्देश दिया गया है कि जब तक दरोगा गवाही का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करते, तब तक उनका वेतन रोका जाए मलिहाबाद थाने से जुड़ा हुआ है, जो वर्ष 2002 में शहजाद खान और राम खिलावन के खिलाफ दर्ज किया गया था।
दरोगा कृष्णकांत ने 23 दिसंबर को इस मामले में अपनी गवाही दर्ज कराई थी। शेष गवाही के लिए कोर्ट ने तीन जनवरी की तारीख निर्धारित की थी, परंतु दरोगा उपस्थित नहीं हुए। पूर्व में उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया था, जो उनके थाने में तामील हो गया था। इसके बावजूद, दरोगा ने अदालत में पेश होने के बजाय यह रिपोर्ट भेजी कि उन्हें अनुमति नहीं मिली है, इसलिए वे हाजिर नहीं हो पा रहे हैं। कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दरोगा ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस अधिकारी से अनुमति मांगी गई और किसने अनुमति नहीं दी अदालत ने इसे खेदजनक बताते हुए दरोगा को गिरफ्तार कर गवाही के लिए बुलाना ही उचित माना है।


