आकर्ष सिंह ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी में बड़ी रकम गंवा चुका कर्ज और आर्थिक तंगी बढ़ने लगी तो उसने जल्दी अमीर बनने के लिए पड़ोसी के घर चोरी की साजिश रच डाली।
लखनऊ ; शालीमार पैराडाइज में हुई करीब 10 करोड़ रुपये की हाईप्रोफाइल चोरी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर गैंगस्टर नहीं, बल्कि उसी सोसायटी में रहने वाला एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा निकला आलीशान जिंदगी, ट्रेडिंग और सट्टे की लत ने उसे ऐसा रास्ता दिखाया कि उसने अपने ही पड़ोसी के घर करोड़ों की चोरी की पटकथा लिख डाली पुलिस ने मामले में शालीमार पैराडाइज निवासी आकर्ष सिंह उर्फ यश, उसके साथी आजमगढ़ निवासी पृथ्वी प्रताप सिंह, प्रयागराज के रितिक यादव, अनुराग कथूरिया और ऋषि कुमार सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब पांच करोड़ रुपये के हीरे, सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान बरामद किया गया है। दरअसल, देवरिया के मूल निवासी ठेकेदार अजय सिंह बघेल परिवार समेत 19 अप्रैल को गोरखपुर गए थे। 30 अप्रैल को लौटने पर घर के भीतर अलमारी टूटी मिली और उसमें रखे करोड़ों रुपये के हीरे, पन्ना जड़ित जेवर, सोना-चांदी और लाइसेंसी पिस्टल गायब थे। पॉश सोसायटी में हुई इस चोरी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
जांच में पुलिस को पता चला कि 27 अप्रैल को घर का सीसीटीवी सिस्टम बंद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सोसायटी के कैमरे, मोबाइल लोकेशन और आने-जाने वालों की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया इसी दौरान पुलिस की नजर पड़ोसी आकर्ष सिंह उर्फ यश पर जाकर टिक गई पूछताछ में सामने आया कि आकर्ष सिंह ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी में बड़ी रकम गंवा चुका था। कर्ज और आर्थिक तंगी बढ़ने लगी तो उसने जल्दी अमीर बनने के लिए पड़ोसी के घर चोरी की साजिश रच डाली उसने अपने साथियों को बुलाया और पूरी रेकी करने के बाद 24 अप्रैल की रात वारदात को अंजाम दिया गया पुलिस के मुताबिक आरोपी पीछे की खिड़की के ऊपर बने शेड को तोड़कर घर में दाखिल हुए थे। उन्हें यह जानकारी थी कि परिवार बाहर गया हुआ है और घर में करोड़ों के जेवर रखे हैं। वारदात के बाद आरोपी चोरी का माल लेकर प्रयागराज भाग गए। वहां कुछ जेवर सर्राफा कारोबारियों तक भी पहुंचाए गए बाराबंकी पुलिस की विशेष टीम ने प्रयागराज में दबिश देकर एक-एक आरोपी को दबोचा। पूछताछ और निशानदेही पर करीब पांच करोड़ रुपये के जेवर बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अब बाकी माल और उससे जुड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आकर्ष सिंह आर्थिक तंगी और सट्टे में नुकसान के कारण तनाव में था। इसी वजह से उसने चोरी की योजना बनाई मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


