लखनऊ और कानपुर के बीच बने एक्सप्रेसवे पर कल से आवागमन शुरू हो जाएगा इस रूट पर बसों का संचालन भी होगा।इसमें चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास शामिल हैं। इस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे इससे लखनऊ से कानपुर का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा होगा यात्रियों के समय में 60 फीसदी तक की बचत होगी।
लखनऊ ; कानपुर जाने वाले यात्रियों के लिए सोमवार से यात्रा और सुविधाजनक हो जाएगी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( एनएचएआई ) ने शुक्रवार को एक्सप्रेसवे से जुड़े सभी काम पूरे किए इसमें सफाई, रंगरोगन, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम की जांच शामिल थी 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एक्सप्रेसवे पर चार बड़े और 25 छोटे पुल बनाए गए हैं। इसमें चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास शामिल हैं। इस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे इससे लखनऊ से कानपुर का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा होगा यात्रियों के समय में 60 फीसदी तक की बचत होगी। कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद कानपुर जाने वाली रोडवेज बसों के दो तरह के किराये होंगे। नेशनल हाईवे से कानपुर जाने वाली बसों का किराया 137 रुपये है, जबकि एक्सप्रेसवे से गुजरने वाली बसों के यात्रियों को 150 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। ऐसा महंगे टोल की वजह से होगा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बस का सिंगल जर्नी का टोल 935 रुपये व उसी दिन वापसी पर टोल 1405 रुपये है, जबकि नेशनल हाईवे से गुजरने वाली बसों का टोल 95 रुपये है। ऐसे में जब बसों का संचालन एक्सप्रेसवे के जरिए होगा तो यात्रियों को टोल की वजह से महंगे टिकट लेने पड़ेंगे परिवहन निगम प्रशासन के अनुसार, एक्सप्रेसवे शुरू होने पर रोडवेज तीन श्रेणियों की बसें चलाएगा। इनमें साधारण, इलेक्ट्रिक और डबलडेकर बसें प्रस्तावित हैं। इस संबंध में 13 जुलाई के बाद सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक श्रेणी की बसों का किराया, आलमबाग बस टर्मिनल से लखनऊ-कानपुर वाया एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बसों की समयसारणी तय की जाएगी रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि टीआई सुशील कुमार को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद किराया व समयसारणी तय किया जाएगा एक्सप्रेसवे से रोडवेज बसों का संचालन 20 जुलाई के आसपास शुरू होने की उम्मीद है।




एक्सप्रेसवे पर हादसों की स्थिति में 15 मिनट के भीतर मदद पहुंच जाएगी 120 किमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान के लिए एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाए गए हैं, जो तत्काल चालान की कार्रवाई के लिए विवरण भेजेंगे एक्सप्रेसवे का हर इंच सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा इसके लिए 63 पीटीजेड सीसीटीवी और 16 वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम हादसा होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, जिससे रेस्क्यू टीम भेजी जा सकेगी। एक कंट्रोल सेंटर से पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जाएगी।