दलित बस्ती का विकास थमा, रास्ता निर्माण कार्य को तहसील प्रशासन ने रोका।

पंचायत द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों को कुछ लोगों द्वारा रोके जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। वही ग्राम प्रधान अरुणेंद्र द्विवेदी उर्फ लालन प्रधान का कहना है कि गांव के ही कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते दलित बस्ती के रास्ते के निर्माण में बाधा डाल रहे हैं,

आवाज़ –ए– लखनऊ ~ उन्नाव संवाददाता

हसनगंज, उन्नाव। जहां एक ओर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दलित बस्तियों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, वहीं उन्नाव के हसनगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत कोईया मदारपुर से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ पंचायत द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों को कुछ लोगों द्वारा रोके जाने के गंभीर आरोप लगे हैं।

वही ग्राम प्रधान अरुणेंद्र द्विवेदी उर्फ लालन प्रधान का कहना है कि गांव के ही कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते दलित बस्ती के रास्ते के निर्माण में बाधा डाल रहे हैं, और इस कार्य में तहसील प्रशासन का भी अप्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा है। प्रधान के अनुसार, विकास कार्य शुरू करने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं, बावजूद इसके एक व्यक्ति के विरोध के चलते सैकड़ों दलितों की बस्ती का रास्ता रोक दिया गया है। लालन प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब और रुकावटें डाली गईं, तो वे कानूनी रास्ता अपनाते हुए उन लोगों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराएंगे जो विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं। वहीं बस्ती की दलित महिलाओं और पुरुषों का कहना है कि वे वर्षों से रास्ते की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ इसलिए सताया जा रहा है क्योंकि वे गरीब और दलित हैं। उनका कहना है कि श्मुख्यमंत्री के वादे सिर्फ कागजों पर हैं, जमीनी हकीकत कुछ और है। खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ना ही कोई लिखित आदेश है ना ही कोर्ट में कोई मुकदमा की जानकारी है उपजिलाधिकारी के मौखिक आदेश पर काम रुकवाया गया है।

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