सोमवार की सुबह कारोबारी पति और पत्नी व उनकी बेटी की लाशें फ्लैट में मिलीं उनके मुंह से झाग निकल रहा था। पास में रखा सुसाइड नोट भी मिला प्रथम दृष्टया सुसाइड करने का मामला लग रहा लाशें देख घरवाले कांप गए तीन बैंकों से लगभग 30 से 35 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे उन्होंने ससुराल वालों की मदद से निवेश किया था।
लखनऊ ; रविवार की रात कपड़ा कारोबारी ने पत्नी और बेटी के साथ आत्महत्या कर ली सुबह तीनों की लाशें फ्लैट पर मिलीं उनके मुंह से झाग निकल रहा था। इससे जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की आशंका जताई जा रही सोमवार सुबह घरवालों को जानकारी हुई तो घर में चीख पुकार मच गई पास में रखा एक सुसाइड नोट भी मिला सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना चौक कोतवाली क्षेत्र के अशरफाबाद की है। यहां रहने वाले कपड़ा कारोबारी शोभित (48), पत्नी (45) सुचिता और उनकी बेटी ख्याति (16) की मौत हुई है। उनके पास से मिले सुसाइड नोट में कर्ज से परेशान होकर जान देने की बात लिखी गई बताया गया कि शोभित राजाजीपुरम में कपड़े की दुकान चलाते थे। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित किए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शोभित रस्तोगी के पास आर्थिक तंगी नहीं थी, लेकिन उन्होंने तीन बैंकों से लगभग 30 से 35 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे उन्होंने ससुराल वालों की मदद से निवेश किया था। इससे होने वाला फायदा 30 जून को मिलना था, लेकिन जब वह रकम नहीं मिली, तो शोभित तनाव में आ गए पड़ोसी और साथी दुकानदारों के अनुसार,यह तनाव ही आत्महत्या का संभावित कारण हो सकता है।

पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के सही कारणों का पता लगाया जा सके शोभित के साथी दुकानदार अनुराग गुप्ता ने बताया कि वह बहुत अच्छे व्यक्ति थे, लेकिन बीते कुछ दिनों से बैंक के लोन को लेकर परेशान थे। उन्होंने तीन बैंकों से कर्ज लिया था और रोजाना रिकवरी एजेंट और बैंक के लोग उन्हें परेशान कर रहे थे। अनुराग ने बताया कि शोभित ने उनसे कहा था कि उनकी ससुराल में जमीन बिकने वाली है और उससे रकम मिलने वाली है। जमीन बिक भी गई थी और रजिस्ट्री हो गई थी, लेकिन 30 जून को रुपये ट्रांसफर नहीं हो पाए थे, जिससे वह परेशान थे। वहीं, शोभित की भाभी तृप्ति ने बताया कि न तो शोभित ने और न ही उनकी पत्नी सुचिता ने कभी कोई परेशानी बताई बुधवार को सुचिता से फोन पर बात हुई थी और वह भीमशाह दर्शन के लिए जाने की बात कर रही थीं। तृप्ति ने कहा कि अगर उन्हें कोई परेशानी होती तो वे उनसे जरूर बताते सोमवार सुबह सुसाइड की खबर सुनकर दुकान में काम करने वाले वर्कर्स भी घर आए थे और उन्होंने भी कहा कि शोभित कल भी दुकान में अच्छे से बात कर रहे थे, उनके दिमाग में क्या चल रहा था, कुछ समझ में नहीं आ रहा है।

