बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शहीद विरांगना ऊदा देवी पासी का जन्म दिवस।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम )164-मोहान विधानसभा ऊंचाद्वार कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने 30 जून शहीद विरांगना ऊदा देवी पासी को फ़ूल माला व पुष्पांजलि कर दी भाव भीनी श्रद्धांजलि,ऊदा देवी 16 नवम्बर 1857 को 36 अंग्रेज़ सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति को प्राप्त हुई थीं। ऊदा देवी पासी के पति मक्का पासी भी काफी साहसी व पराक्रमी थे।

आवाज़ –ए– लखनऊ ~ संवाददाता – महेन्द्र कुमार 

हसनगंज ( उन्नाव ) – विधानसभा 164-मोहान ऊंचाद्वार कार्यालय पर बड़ी धूमधाम से मनाई गई शहीद विरांगना ऊदा देवी पासी की जयंती। ऊदा देवी पासी, एक भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी थीं जिन्होने 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय सिपाहियों की ओर से युद्ध में भाग लिया था। ये अवध के छठे नवाब वाजिद अली शाह के महिला दस्ते की सदस्य थीं। दो

मोहान विधानसभा अध्यक्ष ने अपने साथियों को जागरूक करते हुए शहीद विरांगना के कौशल को याद दिलाया कहा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम दौरान ऊदा देवी पासी ने पुरुषों के वस्त्र धारण कर स्वयं को एक पुरुष के रूप में तैयार किया था। लड़ाई के समय वो अपने साथ एक बंदूक और कुछ गोला बारूद लेकर एक ऊँचे पेड़ पर चढ़ गयी थीं। उन्होने हमलावर ब्रिटिश सैनिकों को सिकंदर बाग़ में तब तक प्रवेश नहीं करने दिया था जब तक कि उनका गोला बारूद खत्म नहीं हो गया। सिकंदर बाग, जहां उदा देवी पासी ने 32 ब्रिटिश सैनिकों को मार गिराया और वीरगति को प्राप्त हुईंऊदा देवी पासी के पति श्री मक्का पासी नवाब वाजिद अली शाह की सेना के एक सैनिक थे।

आजाद समाज पार्टी के जिला महासचिव ने दी जानकारी –

ऊदा देवी, 16 नवम्बर 1857 को 36 अंग्रेज़ सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति को प्राप्त हुई थीं। ब्रिटिश सैनिकों ने उन्हें जब वो पेड़ से उतर रही थीं तब गोली मार दी थी। उसके बाद जब ब्रिटिश लोगों ने जब बाग़ में प्रवेश किया, तो उन्होने ऊदा देवी पासी का पूरा शरीर गोलियों से छलनी कर दिया। इस लड़ाई का स्मरण कराती ऊदा देवी पासी की एक मूर्ति सिकन्दर बाग़ लखनऊ में लगी है। मौके पर मोहान विधानसभा अध्यक्ष रामकेशन रावत, जिला महासचिव यतीन्द्र चौधरी सहित आधा सैकड़ा आजाद समाज पार्टी कांशीराम के कार्यकर्ता रहे मौजूद।

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