रूस के तट पर शक्तिशाली भूकंप आने के कारण अलास्का हवाई और अमेरिका के पश्चिमी तट पर सुनामी की चेतावनी जारी की अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप की तीव्रता 8.8 मापी गई सुनामी तब आती है जब भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट से लहरें उत्पन्न होती हैं। 2004 में इंडोनेशिया में आए भूकंप से उठी लहरों ने भारी तबाही मचाई थी।

नई दिल्ली। रूस के तट पर आए शक्तिशाली भूकंप की वजह से अलास्का, हवाई और अमेरिका के पश्चिमी तट समेत प्रशांत महासागर के एक बड़े हिस्से के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 8.8 दर्ज की गई और इसका केंद्र कमचटका प्रायद्वीप के तट पर था। यह भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक, बुधवार तड़के आया उस समय अमेरिका में मंगलवार का दिन था। सुनामी तब आती है जब भूकंप, पानी के नीचे ज्वालामुखी विस्फोट और पानी के नीचे भूस्खलन से लहरें उत्पन्न होती हैं। पानी के नीचे भूकंप आने के बाद समुद्र तल ऊपर-नीचे होता है, जिसकी वजह से पानी भी ऊपर-नीचे होने लगता है। इससे उत्पन्न ऊर्जा समुद्र के पानी को धकेलती है, जो लहरों में बदल जाती है। बहुत से लोग सुनामी को एक लहर समझते हैं लेकिन आमतौर पर ये लहरों का समूह होता है, जो तेजी से बढ़ते ज्वार की तरह किनारे की ओर आती हैं। कुछ सुनामी छोटी होती हैं और नुकसान नहीं पहुंचाती वहीं, कुछ सुनामी भारी तबाही लेकर आती हैं।

रूस में आए भूकंप के बाद अमेरिकी के हवाई द्वीप में आपातकालीन अधिकारियों ने लोगों को मोबाइल फोन, टीवी और रेडियो पर अलर्ट भेजा है और सायरन भी बजाए अलास्का में भी कुछ जगहों पर सायरन बजे और मौसम संबंधी रेडियो या सार्वजनिक रेडियो प्रसारणों पर भी जानकारी दी गई सोशल मीडिया और मोबाइल फोन पर आधिकारिक अकाउंट्स के जरिए इस बारे में जानकारी फैलाई जा रही है। कुछ जगहों पर, स्थानीय अधिकारियों ने घर-घर जाकर चेतावनियां पहुंचाई हैं। इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में अलास्का के अल्यूशियन द्वीप समूह के पास एक और भूकंप के बाद किंग कोव और उनालास्का में सार्वजनिक सुरक्षा विभागों ने अलर्ट भेजकर तटीय क्षेत्रों में रहने वालों या जहां पर बाढ़ आने की आशंका है, वहां पर रहने वालों को ऊंची जगहों पर जाने का आग्रह किया गया है।

