हसनगंज तहसील आला अफसरों का बड़े पैमाने पर कारनामा आया सामने सरकार के आदेशानुसार भूमि अंश निर्धारण कार्य सौंपा गया था लेकिन लेखपालों की लापरवाही से किसानों के भूमि अंश व नाम में भारी त्रुटि देखने को मिल रही जिससे आम जनता परेशान कौन है इसका जिम्मेदार।
आवाज़ –ए– लखनऊ ~ संवाददाता – महेन्द्र कुमार
हसनगंज (उन्नाव) – सबसे बड़ी तहसील हसनगंज में सरकारी अफसरों का अजब-गजब कारनामा जिसकी भरपाई कर रहा अन्नदाता किसान, आला अफसर गलत करें या सही, सब सही ही मानती है मौजूदा सरकार ,वहीं जब किसान अफसरों की गलतियों को सुधार करवाना चाहें तो सरकारी कर्मचारी मांगते हैं नोटरी हल्फनामा फिर कराए आनलाइन, फिर लम्बे समय तक आला अधिकारियों की गलतियों का सुधार करने के लिए लगाते रहते तहसील परिसर के चक्कर।

बीबीपुर चिरियारी निवासी बूटेलाल पुत्र दयाली जिसकी जमीन ग्राम फजुल्लापुर गाटा संख्या 180 है जिसमें आठ लोग हिस्सेदार थे जो अलग अलग परिवार से तालुकात रखते हैं पीड़ित से मिली जानकारी अनुसार पीड़ित गांव में ही रहता है न ही हसनगंज तहसील के किसी अफसर ने उन्हें जानकारी दी न किसी हिस्सदार ने आला अधिकारियों को किसी प्रकार की जानकारी दी तहसील अफसर ने अपने मनमाने ढंग से गुरु प्रसाद , प्रेमकुमार, विशुनपाल, श्रीकेशन, पत्नी श्रीमती…, पुत्रगण सुखलाल, बलीराम ,बूटेलाल पुत्रगण दयाली , रामचंद्र पुत्र हरीलाल जिनका भूमि हिस्सा अलग-अलग है लेकिन तहसील अफसर की सूझबूझ से सबको एक समान भूमि अंश निर्धारण कर दिया गया जिससे किसान परेशान, तहसील परिसर के लगा रहे चक्कर।
हसनगंज उपजिलाधिकारी ने अफसरों की गलतियों को स्वीकारा, कहा किया जा रहा समाधान –
भूमि अंश निर्धारण जैसी बड़ी समस्या को लेकर हसनगंज उपजिलाधिकारी से जानकारी करने पर उन्होंने बताया हां कर्मचारियों से गलतियां हो जाती है उसका कारण यह भी हो सकता हो किसान कहीं दूसरे शहर में रहता, मौके पर जो अन्य किसानों ने बता दिया हो या फिर बैनामे के जरिए बाद में नाम अंकित किया गया किसी भी प्रकार से यदि गलती हुई है तो उसे तहसील समाधान के जरिए सुधार किए जा रहा है।

