दीपावली के पावन अवसर पर आयोजित दीपोत्सव में त्रेतायुग की परंपरा का सजीव मंचन देखने को मिला भगवान श्री राम, सीता लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूप पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से रामकथा पार्क के निकट बने अस्थायी हेलीपैड पर उतरे।
अयोध्या ; दीपावली के पावन अवसर पर आयोजित दीपोत्सव में त्रेतायुग की परंपरा का सजीव मंचन देखने को मिला। भगवान श्री राम, सीता लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूप पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से रामकथा पार्क के निकट बने अस्थायी हेलीपैड पर उतरे। यहां गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ भगवान के स्वरूपों की भव्य अगवानी की इसके बाद भगवान श्रीसीताराम के स्वरूप रथ पर सवार होकर रामकथा पार्क पहुँचे। 
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के साथ स्वयं रथ खींचकर भगवान का स्वागत किया, जिसका मनमोहक दृश्य देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। त्रेतायुग की इस परंपरा के जीवंत प्रदर्शन ने एक बार फिर सभी को रामराज्य की स्मृतियों से जोड़ दिया रामपथ पर रामायण साकार हो उठी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोक कलाकारों की थिरकन और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच जब रथों पर सजी झांकियां आगे बढ़ीं तो लगा मानो त्रेतायुग अयोध्या की धरती पर उतर आया हो कहीं प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के दिव्य स्वरूप, कहीं गदा उठाए बजरंगबली का पराक्रम रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहा था। शोभायात्रा में महिला कलाकार कंधों पर ढोल रखकर थाप दे रही थीं। नगाड़ों और ताशों की गूंज के बीच कलाकारों के करतब और विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य रामपथ को उत्सव के विराट मंच में बदल रहे थे। दर्शकों की आंखों में श्रद्धा, चेहरों पर उल्लास और वातावरण में रामनाम की गूंज दसवें दीपोत्सव की शोभायात्रा में आस्था, संस्कृति और परंपरा का ऐसा संगम दिखाई दिया, साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब तीन किलोमीटर का सफर तय कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इस बार शोभायात्रा में 21 भव्य झांकियां शामिल हैं। इनमें 14 झांकियां योगी सरकार की उपलब्धियों और सात झांकियां रामायण के सातों कांडों पर आधारित हैं। बालकांड में रामजन्म और बाल लीलाओं से लेकर अयोध्याकांड में वनगमन, अरण्यकांड में वनवास के प्रसंग, किष्किन्धाकांड में सुग्रीव और हनुमान से मिलन, सुंदरकांड में बजरंगबली का पराक्रम, लंकाकांड में रावण के साथ युद्ध और उत्तरकांड की कथा को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया गया एक के बाद एक आगे बढ़ती झांकियां दर्शकों को रामायण की संपूर्ण गाथा का दर्शन करा रही थीं।


